Friday, October 02, 2020

श्लोक अधर मंत्र-सी आंखें देवालय-सा तन रामायण-सा रूप तुम्हारा सांसें वृंदावन मौलश्री की छांव के नीचे तुम ऐसी दिखती हो भोजपत्र पर-जैसे कोई वेद-ऋचा लिख दी हो जब से दरस तुम्हारा पाया हुआ तथागत मन श्लोक अधर मंत्र-सी आंखें देवालय-सा तन रामायण-सा रूप तुम्हारा सांसें वृंदावन श्लोक अधर मंत्र-सी आंखें देवालय-सा तन रामायण-सा रूप तुम्हारा सांसें वृंदावन मौलश्री की छांव के नीचे तुम ऐसी दिखती हो भोजपत्र पर-जैसे कोई वेद-ऋचा लिख दी हो जब से दरस तुम्हारा पाया हुआ तथागत मन श्लोक अधर मंत्र-सी आंखें देवालय-सा तन रामायण-सा रूप तुम्हारा सांसें वृंदावन

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